GST के यह नियम-MRP में देनी होगी टैक्स डिटेल

Breaking News Business Headline News National News

GST के यह नियम-MRP में देनी होगी टैक्स डिटेल GST (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के तहत नए कदम उठाने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, GST के तहत अधिकतम रिटेल प्राइस (MRP) में कितना GST लिया जा रहा है इसकी जानकारी भी दुकानदारों को देनी होगी. साथ ही, रिटर्न से देर से फाइल करने वालों पर लेट फीस भी घटाकर 50 रुपए करने और टैक्‍स देने वालों के लिए रिटर्न तिमाही भरने की सुविधा देने की भी सिफारिश की गई है.

आपको बता दें कि सरकार का मानना है कि इससे कंज्‍यूमर की शिकायतों में कमी आएगी. सरकार को शिकायत मिली है कि कुछ लोग प्रिंटेड दाम से ज्‍यादा पैसा वसूल रहे हैं.

10 नवंबर की बैठक में होगा फैसला

जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 10 नवंबर को असम की राजधारी गुवाहटी में होगी. इसकी अध्‍यक्षता वित्‍तमंत्री अरुण जेटली करेंगे.

कमेटी ने की सिफारिश

> सरकार ने एक ग्रुप ऑफ मिनिस्‍टर्स का गठन किया था.

> इसकी अध्‍यक्षता असम के वित्‍त मंत्री हेमंत विश्‍वा सरमा कर रहे हैं.

> इस ग्रुप को छोटे कारोबारियों के लिए जीएसटी आसान बनाने के लिए सिफारिशें देनी थी.

> ग्रुप ने इसे ध्‍यान में रखते हुए एमआरपी के साथ इसमें जीएसटी शामिल भी लिखना जरूरी करने की सिफारिश की है.

कुछ दुकानदार वसूल रहे है MRP से ज्यादा

> सरकार फिलहाल हर पैकिंग की वस्‍तु पर एमआरपी लिखना जरूरी बना रखा है.

> सरकार को शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ लोग एमआरपी के ऊपर जीएसटी के नाम पर पैसे ले रहे हैं.  > एमआरपी में फिलहाल जीएसटी शामिल है.

MRP में देनी होगी टैक्स डिटेल

ग्रुप ऑफ मिनिस्‍टर्स ने अपनी सिफारिश में कहा है कि जैसे जीएसटी में बिल में सामान की कीमत के अलावा जीएसटी का विवरण रहता है उसी प्रकार एमआरपी का विवरण भी दिया जाना चाहिए.जीएसटी के तहत फिलहाल जो व्‍यवस्‍था है उसके अनुसार जीएसटी रिटर्न फाइल करते समय वस्‍तु का दाम और पर लागू जीएसटी का विवरण अलग अलग भरना पड़ता है.

आसान होंगे ये नियम

> ग्रुप ने इसके अलावा रिटर्न से देर से फाइल करने वालों पर लेट फीस भी घटाने की सिफारिश की है. > मौजूदा सयम में यह फीस 100 रुपए है, जिसे घटा कर 50 रुपए करने की सिफारिश की गई है.

इसके अलावा सभी टैक्‍स देने वालों के लिए रिटर्न तिमाही भरने की सुविधा देने की भी सिफारिश की गई है.

> 1.5 करोड़ रुपए तक के टर्न ओवर वाले कारोबारी तिमाही रिटर्न फाइन करने की सुविधा पा रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *