मुंबई भगदड़: एमएनएस चीफ राज ठाकरे बोले “आतंकियों की जरूरत नही, रेलवे ही लोगो को मारने के लिए काफी

मुंबई भगदड़ : राज ठाकरे बोले, आतंकवादियों की जरूरत नहीं, रेलवे ही लोगों को मारने के लिए काफी

मुंबई भगदड़ : राज ठाकरे ने चेताया, बुलेट ट्रेन के लिए एक ईंट तक नहीं रखने देंगे यदि
खास बातें

शुक्रवार को मुंबई में पुल पर भगदड़ में 22 जानें चली गई थीं
राज ठाकर का कहना है कि लोकल रेलवे का इंफ्रा बेहतर किया जाए
इसके लिए वे रेलवे को एक लिस्ट भी सौंपेगे
मुंबई: मुंबई में परेल-एलफिंस्टन स्टेशन के पास बने पुल पर भगदड़ के चलते 22 लोगों की मौत और 30 लोगों के घायल होने के एक दिन बाद एमएनएस चीफ राज ठाकरे ने सरकार को चेताया है कि यदि लोकल रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर नहीं किया गया तो मुंबई में बुलेट ट्रेन के लिए एक ईंट तक नहीं रखने देंगे. एलफिंस्टन स्टेशन हादसे के बाद शनिवार को वह बोले, हमें आतंकवादियों या पाकिस्तान जैसे दुश्मनों की जरूरत क्या है? ऐसा लगता है कि हमारी अपने रेलवे ही लोगों को मारने के लिए काफी है.
1 लेटर और 100 से ज्यादा ट्वीट रेलवे मंत्रालय को चेताते रहे, सुना जाता तो टल सकती थी मौतें…
उन्होंने यह साफ साफ कहा कि मुंबई में बारिश कोई पहली बार नहीं हुई है. वे (रेलवे) कह रहे हैं कि यह सब बारिश की वजह से हुआ? ठाकरे ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि मुंबई लोकल से जुड़े इश्यूज़ की लिस्ट 5 अक्टूबर तक रेलवे को सौंप दी जाएगी. साथ ही उन्हें भी डेडलाइन दे दी जाएगी. यदि तय समय तक चीजे बेहतर नहीं हुईं तो हम देखेंगे कि क्या करना है.
शवों के माथे पर चिपकाए नंबर, फोटो लगाई बोर्ड पर, KEM हॉस्पिटल पर बिफरे लोग
परेल-एलफिंस्टन स्टेशन के पास बना यह पुल दशकों पुराना है और पिछले काफी समय से इसे लेकर चेतावनी दी जा रही थी. साल भर पुराने ट्वीट्स जिनमें तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु को टैग किया है और साथ ही रेल मंत्रालय को भी टैग किया हुआ है, बताते हैं कि इस पुल को लेकर काफी समय से अंदेशे जताए जा रहे थे और इसे ठीक करने की मांग की जा रही थी लेकिन समुचित एक्शन न लिए जाने के कारण अंतत: हादसा हो ही गया.
मुंबई के सभी रेलवे पुलों की सुरक्षा की समीक्षा के आदेश
पिछले चार सालों में भीड़भाड़ वाले इस पुल पर संभावित हादसे को लेकर 100 से ऊपर ट्वीट किए गए. लोगों में गुस्सा ज़्यादा इसलिये भी है कि ये हादसा रोका जा सकता था..अगर सरकार लोगों की शिकायतों पर ध्यान देती.

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *