नक्सल प्रभावित इलाकों में ही बंद का व्यापक असर, बाजारों में पसरा सन्नाटा, रेल और सड़क यातायात ठप

नक्सल प्रभावित इलाकों में ही बंद का व्यापक असर, बाजारों में पसरा सन्नाटा, रेल और सड़क यातायात ठप

 


जगदलपुर। नक्सलियों द्वारा गढ़चिरौली मुठभेड़ के विरोध में 6 राज्यों के बंद के आव्हान पर आज बस्तर में आमतौर पर शांति रही। नक्सली इलाकों में कारोबार ठप रहा, वहीं वाहनों की आवाजाही अवरूद्घ रही। खौफ के चलते किरंदुल से वाल्टेयर के मध्य संचालित होने वाली एकमात्र पैसेंजर ट्रेन जगदलपुर में ही रोक ली गयी। रात में भी मालगाडिय़ों का परिचालन बंद कर दिया गया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार किरंदुल-विशाखापटनम रेल लाईन में संचालित होने वाली पैसेंजर किरंदुल नहीं जाएगी। आज पैसेंजर वाल्टेयर से जगदलपुर तक ही संचालित होगी। रेल प्रशासन ने पूर्व हमलों को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर केके लाईन में संचालित पैसेंजर ट्रेन को किरंदुल की बजाए जगदलपुर तक ही चलाने का निर्देश जारी किया है। इस मार्ग पर रात्रि सात से सुबह छह बजे तक मालगाडिय़ों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है।
इधर नक्सल प्रभावित इलाकों में ही बंद का व्यापक असर देखा गया। बस्तर के शेष कस्बे एवं शहरों में बंद बेअसर रहा।

संभाग के सातों जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, जगदलपुर, सुकमा, कोंडागांव एवं कांकेर के अंदरूनी इलाकों में व्यवसायिक कारोबार ठप रहा, हाट बाजार भी नहीं लगे। इन इलाकों में यात्री वाहनों समेत अन्य मालवाहक वाहनों के पहिए थमे रहे। पूर्व की घटनाओं के मद्देनजर कोई भी बस संचालक जोखिम उठाने को तैयार नहीं है। संभाग एवं जिला मुख्यालयों से नक्सली क्षेत्रों में जाने वाली यात्री बसें जगदलपुर से रवाना ही नहीं हुईं। टेक्सी चालकों ने भी वाहनों का परिचालन बंद रखा। उल्लेखनीय है कि नक्सलियों के बंद को लेकर संभाग में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। आव्हान को देखते हुए पुलिस ने समुचित तैयारी कर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध कर रखे हैं। गांवों व मुख्य मार्गों में गश्त बढ़ा दी गयी है।

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