अटल जी के साथ इस मुस्लिम परिवार का था अनोखा रिश्ता, वाजपेयी की याद में 22 अगस्त को नहीं मनाएंगे बकरीद

अटल जी के साथ इस मुस्लिम परिवार का था अनोखा रिश्ता, वाजपेयी की याद में 22 अगस्त को नहीं मनाएंगे बकरीद


अटल जी का लखनऊ से चुनावी नाता था ही, लेकिन यहां के एक मुस्लिम परिवार के साथ उनका विश्वास और भरोसे का अनोखा रिश्ता था. ईद पर वाजपेयी को किमामी सेवई खिलाने वाला यह परिवार उनकी याद में इस बार ईद नहीं मनाएगा.
उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पहले मुस्लिम मंत्री और वकील एजाज रिजवी और अटल बिहारी वाजपेयी एक दूसरे को दशकों से जानते थे. वाजपेयी ने जब-जब लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव का पर्चा भरा, उनके सभी कागजात तैयार करने का काम एजाज रिजवी के जिम्मे रहता था. वर्ष 1998 में एजाज रिजवी के निधन के बाद भी इस परिवार के साथ वाजपेयी का रिश्ता बदस्तूर बना रहा और उन्होंने रिजवी की बेटी सीमा रिजवी को न सिर्फ राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया, बल्कि मंत्रिमंडल में उन्हें उनके पिता की विरासत भी सौंपी
लोकसभा का चुनाव लड़ा, उनके नामाकंन के कागजात तैयार करने का काम रिजवी के जिम्मे रहता था. रिजवी पर उनका विश्वास ऐसा था कि उनके बनाए कागजात पर एक पल में दस्तख्त करके नामांकन भर दिया जाता था.

एजाज के पुत्र आसिफ जमा रिजवी भी उन दिनों को याद करते हुए दुखी स्वर में कहते हैं, ‘अटल जी के निधन से हमारा पूरा परिवार बहुत दुखी है इसीलिये अगले सप्ताह बकरीद के त्यौहार की खुशियां हम लोग नहीं मनायेंगे

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