एयर इंडिया और स्पाइसजेट उड़ाएंगी जेट एयरवेज के विमान!जेट एयरवेज के खड़े विमानों को उड़ाने से किराये में कमी हो सकती है।

कैश संकट की वजह से जेट एयरवेज का परिचानल अस्थायी रूप से है बंदजेट के 30 से 40 बोइंग 737 विमानों को उड़ाने के लिए स्पाइसजेट तैयारविमानों के उड़ने से जेट के कुछ कर्मचारियों को काम और पैसा मिल पाएगा कैश संकट की वजह से जमीन पर खड़े हो चुके जेट हैं, संभवत: मंगलवार से ही।

स्पाई जेट जेट एयरवेज के 30 से 40 ‘बोइंग 737’ विमानों को उड़ाने के लिए तैयार है तो एयर इंडिया5 ‘बोइंग 777’ और कुछ B737 विमानों को उड़ाएगी।
एक सूत्र ने कहा, ‘अगले 10 दिन के भीतर 40-45 विमान ऑपरेशनल होंगे। इससे जेट एयरवेज के बहुत से कर्मचारियों को काम और पैसा मिल पाएगा क्योंकि इन विमानों को क्रू मेंबर के साथ लीज पर लिया जाएगा। उड़ानों में वृद्धि से किराये में भी कुछ स्थिरता आएगी, इसकी शुरुआत घरेलू रूटों से होगी। एक बार जब लंदन, दुबई और सिंगापुर जैसे गंतव्यों के लिए B777 विमान उड़ने लगेंगे तो अंतरराष्ट्रीय रूटों पर भी किराया सामान्य हो सकेगा।’ विमानों का एयरलाइन में वापस लौटना जेट की बिक्री प्रक्रिया की सफलता पर निर्भर होगा।
नागरिक उड्डयन सचिव पीएस खरोला ने इस सप्ताह कहा था कि घरेलू रूट पर 75 विमान (मुख्य रूप से जेट के ठप होने से) सिस्टम से बाहर हो गए हैं, अन्य भारतीय विमानन कंपनियों ने पिछले 5 महीने में 58 विमानों को बेड़े में शामिल किया है, अभी क्षमता में 17 विमानों की कमी है।
यदि 30 से 45 जेट विमान एयर इंडिया और स्पाइसजेट के साथ उड़ने लगेंगे तो घरेलू और नजदीकी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों  के मोर्चे पर गैप को कुछ हद तक भरा जा सकेगा और किराये को कम करने में मदद मिलेगी। जेट का परिचालन ठप होने से मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट्स पर 280 और 160 स्लॉट अचानक खाली हो गए हैं, सरकार इन स्लॉटों को अगले तीन महीने के लिए दूसरी विमानन कंपनियों को देगी। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर डिमांड और सप्लाई में अचानक भारी अंतर और पीक ट्रैवल सीजन की वजह से हवाई किराये में भारी वृद्धि हो गई है।

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